सब का मालिक एक = GOD is One = एक औंकार सतनाम निराकार परमपिता परमात्मा शिव = गीता का ज्ञान देनेवाला = Creator of Brahma Vishnu Mahesh = Creator of Lord Krishna = Father of all Soul Worldwide = सबका माता पिता = पतित (पापी) से पावन (शुद्ध) बनानेवाला = आदी देवी देवता सनातन धर्म का रचियेता = दुख हरता सुख करता परमपिता परमात्मा = भगवान से मिलने का मौका आ चूका है, अभी नहीं तो कभी नहीं, स्वयं भगवान खजाने लुटाने आये है, लूट सको तो लूट लो...

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क्या आत्म-अनुभूति की सही विधि का ज्ञान आपके पास है? जिससे आप परमात्मा के साथ स्थाई संबंध स्थापित कर सकते हैं? आध्यात्मिक दृष्टिकोण से श्रीमदभगवत गीता का ज्ञान अतुलनीय है, इसकी आतंरिक सुंदरता यह है की उसका ज्ञान मानवता के हर व्यक्ति के ऊपर लागु है, हद और बेहद के हर दायरे से बाहर है | यह सर्व धर्मों के लिए मान्य है और परमात्मा को प्रत्यक्ष्य करने का एक उत्तम माध्यम है | यह आप और परमात्मा के बीच एक वार्तालाप है | यहाँ पर अर्जुन उस व्यक्ति का पात्र दर्शाता है जो इच्छाओं तथा भौतिक संबंधों मैं फँसा हुआ है | हमारी अपनी ही आतंरिक आसुरी और दैवी शक्तियों के बीच एक द्वंद्व है जो कौरव और पांडवों के नाम से प्रसिद्ध है |

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